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अनुसंधान और विकास
 

रा.त.शि.प्र.अनुसं.,भोपाल ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा में नीति निर्धारण में अनुसंधान सहयोग प्रदान किया है। अनुसंधान के कुछ कार्यों में तकनीकी शिक्षा प्रणाली के सामने उपस्थित समस्याओं का अध्ययन करना और उनका समाधान उपलब्ध करना है। नवाचार सदैव अनुसंधान आधारित होते हैं, जिन्हें राज्यों द्वारा अपनाई पद्धतियों एवं विधियों में प्रयोग किया जाता है। भिन्न एजेंसियों एवं संगठनों के सहयोग से संकाय द्वारा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्रों में अनुसंधान परियोजनाएँ प्रारम्भ की जाती हैं। पिछले कई वर्षों में अनेक अनुसंधान किए जा चुके हैं। ग्राहकों को उपयोगी सेवाएँ प्रदान करने हेतु रा.त.शि.प्र.अनुसं.,भोपाल ने ग्राहकों की आवश्यकताओं के समवर्गी क्रियाशील क्षेत्रों में व्यापक अनुसंधान अध्ययन प्रारम्भ किया है। अनुसंधान गतिविधियाँ न केवल समस्याओं के समाधान बल्कि विकास के लिए भी महत्वपूर्ण समझी जाती हैं।

      सार्थक माँग निर्धारण, योजना, कार्यान्वयन, मॉनीटरिंग तथा जैसा कि पहले कहा गया है, तकनीशियन शिक्षा को मजबूत बनाने हेतु विश्व बैंक सहायित परियोजना के हरेक उप-घटकों की समीक्षा करने तथा मूल्यांकलन में सहायता देने के लिए अनुसंधान निरंतर किए जाते रहते हैं। रा.त.शि.प्र.अनुसं., भोपाल में ही और साथ ही साथ तकनीकी शिक्षा प्रणाली में नवाचार को आगे बढ़ाने,लागू करने और जारी रखने के लिए भी अनुसंधान परियोजनाएँ प्रारम्भ की जाती हैं। अनुसंधान एवं विकास गतिविधियाँ तकनीकी शिक्षा में स्नातकोत्तर उपाधि (एम.टेक.एड.)एवं तकनीकी शिक्षा कार्यक्रमों में पी.एच.डी. के माध्यम से प्रारम्भ और प्रोत्साहित की जाती हैं।

प्रभावित करने और प्रणाली में सुधार लाने के लिए गुणवत्ता सुधार एवं दक्षता सुधार संबंधी भिन्न क्षेत्रों में उन्नतिशील परियोजनाओं को निरन्तर मुख्य आधार बने रहना है। बडे़ पैमाने पर उद्योग को सम्मिलित करते हुए इन्हें राष्ट्रीय,क्षेत्रीय,राज्य और संस्थान स्तर पर प्रारम्भ किया जाता है। इस साल में बड़ी संख्या में अनुसंधान तथा विकास अध्ययन प्रारम्भ किए गए जो तकनीकी शिक्षा को आगे बढ़ाने हेतु विश्व बैंक सहायित परियोजना के प्रभाव का पता लगाने वाले अध्ययन सहित परियोजनाओं एवं कार्यक्रमों से संबंधित है।